21 मार्च 2019 - 13:39
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के नौरोज़ के संदेश में नए साल का ख़ाका

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने ईरानी नौवर्ष नौरोज़ वर्ष 1398 के आरंभ में इस नए साल से संबंधित अपने संदेश में, इस साल का नाम उत्पादन को बढ़ावा देने का साल कहा है।

उन्होंने अपने संदेश में जिन अहम घटकों की ओर इशारा किया वे ईरानी राष्ट्र के सम्मान व शक्ति का आधार हैं।

अमरीका और योरोप के राजनैतिक व आर्थिक दबावों के मुक़ाबले में ईरानी राष्ट्र की दृढ़ता उन घटकों में शामिल है जिनकी मदद से ईरानी राष्ट्र ने पिछले साल कठिन चरण को पार किया और अपनी एकता की रक्षा के साथ वह इस चरण से सफलतापूर्वक बाहर निकला। इस दृढ़ता ने यह दर्शा दिया कि ईरानी जनता कठिनाइयों व आर्थिक दुश्वारियों के बावजूद धौंस धमकी देने वाली शक्तियों के सामने झुकने वाली नहीं है।

एक और अहम घटक जिसकी ओर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के बयान में उल्लेख है वह नॉलेज बेस्ड कंपनियों की स्थापना व अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में आंतरिक क्षमताओं के उपयोग में ईरानी राष्ट्र की सफलता है। यह क़दम रणनैतिक अहमियत रखता है और इसका पाबंदियों के दबाव को कम करने में काफ़ी असर पड़ा है।

पिछले साल के अनुभव और आर्थिक व राजनैतिक प्रक्रियाओं में उतार चढ़ाव भरी घटनाओं से स्पष्ट हुआ कि दुश्मन का मुख्य लक्ष्य निराशा पैदा करना और इस्लामी गणतंत्र की अभूतपूर्व उपलब्धियों को हल्का दर्शा कर राजनैतिक व आर्थिक क्षेत्र में बंद गली में पहुंचने की भावना पैदा करना है। इस प्रक्रिया में आम लोगों के मन में मुश्किलों को बढ़ा चढ़ा कर दर्शाना अमरीका का मुख्य लक्ष्य है जिसे वह ईरान की इस्लामी व्यवस्था के ख़िलाफ़ मानसिक व प्रचारिक युद्ध के ज़रिए हासिल करना चाहता है।

इस दृष्टि से इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता का नए साल का संदेश ईरानी राष्ट्र के सामने क्षितिज रेखांकित करता है और यह कि ईरानी राष्ट्र किस तरह दुश्मनों की दुश्मनी व नीचता के मुक़ाबले में दृढ़ता के साथ अपनी शक्ति व महानता को दर्शा सकता है।